Uttarakhand

उत्तराखंड: होप पोर्टल बन रहा रोजगार देने का जरिया, जानिए अबतक कहां कितने पंजीकरण

देहरादून । प्रवासियों और उत्तराखंड के स्थानीय व्यक्तियों को रोजगार दिलाने के लिए बनाए गए होप (हेल्पिंग आउट पीपुल एवरीवेयर) पोर्टल का मकसद अब फलीभूत होता नजर आ रहा है। इसके जरिये 800 से अधिक व्यक्तियों को रोजगार मिल चुका है। अभी तक इस पोर्टल पर प्रदेश के 26180 व्यक्तियों ने पंजीकरण कराया है। 

कोरोना काल में बड़ी संख्या में अन्य राज्यों से प्रवासी अपने घरों को लौटे हैं। इन्हें रोजगार दिलाने के लिए सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं। इसमें होप पोर्टल भी एक है। इस पोर्टल पर प्रदेश का कोई भी बेरोजागर व्यक्ति अपना पंजीकरण करा सकता है। पंजीकरण कराते समय उसे अपने निवास स्थान, योग्यता, उम्र और कार्य रुचि के क्षेत्र की जानकारी देनी होती हैं। इसमें योग्यता व रुचि के हिसाब से अलग-अलग श्रेणियां बनाई गई हैं, जिन्हें सभी कंपनियां आसानी से देख सकती हैं। दरअसल, सरकार ने इस पोर्टल पर सभी कंपनियों को रजिस्ट्रेशन कराना भी अनिवार्य किया हुआ है।

ये कंपनियां इस पोर्टल पर अपने रिक्त पदों का ब्योरा देती हैं। कंपनियां पोर्टल से सीधे भी कर्मचारियों का चयन कर सकती है। पोर्टल के संचालक, यानी श्रम एवं विकास विभाग के कार्मिक भी संबंधित योग्यता वाले व्यक्तियों के नाम उन्हें उपलब्ध करा देते हैं। सचिव कौशल विकास रणजीत सिन्हा ने बताया कि पोर्टल में पंजीकरण कराने वालों की योग्यता के हिसाब से उन्हें अलग-अलग श्रेणीबद्ध किया गया है। कंपनियों को भी इसमें लगातार जोड़ा जा रहा है। इससे युवाओं को रोजगार भी मिलना शुरू हो गया है।

किस जिले में कितने पंजीकरण

  • अल्मोड़ा- 2190
  • बागेश्वर- 689
  • चमोली- 757
  • चंपावत- 1119
  • देहरादून- 5187
  • हरिद्वार-1297
  • नैनीताल- 2242
  • पौड़ी गढ़वाल- 2361
  • पिथौरागढ़- 691
  • रुद्रप्रयाग- 2783
  • टिहरी गढ़वाल- 2891
  • ऊधमसिंह नगर- 3036
  • उत्तरकाशी- 937
  • कुल- 26180