देहरादून । उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। शुक्रवार को कोरोना के 272 नए मामले सामने आए है, जिनमें सबसे अधिक 90 मामले ऊधमसिंह नगर से हैं। इसके अलावा 77 नैनीताल, 31 अल्मोड़ा, 29 हरिद्वार, 30 देहरादून, 11 चंपावत, दो पिथौरागढ़, एक-एक मामले रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी से सामने आए हैं। वहीं, 42 पूरी तरह से ठीक हो गए हैं। प्रदेश में अब संक्रमित मरीजों की संख्या 5717 हो गई है, जबकि 3441 लोग पूरी तरह से स्वस्थ हो गए हैं। वर्तमान में 2176 मामले एक्टिव हैं, जबकि 62 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 38 मरीज राज्य से बाहर जा चुके हैं। शुक्रवार को एम्स में भर्ती कोरोना संक्रमित दो मरीजों की मौत हुई।
एम्स में दो कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में भर्ती दो कोरोना संक्रमित मरीज की शुक्रवार को मौत हो गई। एम्स ऋषिकेश के जनसंपर्क अधिकारी हरीश मोहन थपलियाल ने बताया कि रामनगर नैनीताल निवासी 45 वर्षीय इस मरीज को 16 जुलाई को एम्स में भर्ती कराया गया था। यह मरीज मधुमेह और हाइपरटेंशन की समस्या से ग्रसित था। उसकी हालत काफी गंभीर थी और शुक्रवार को मरीज की मौत हो गई। वहीं, दूसरे मामले में मुजफ्फरनगर घेरकला निवासी एक 47 वर्षीय कोरोना वायरस संक्रमित मरीज की मौत हुई है। मरीज को 23 जुलाई को मरीज को लीवर की गंभीर बीमारी से ग्रसित होने पर भर्ती कराया गया था।
रुद्रप्रयाग में एक व्यक्ति मिला कोरोना संक्रमित
रुद्रप्रयाग जनपद में शुक्रवार को एक व्यक्ति कोरोना संक्रमित मिला है। अब तक जनपद में कुल 68 मामले सामने आ चुके हैं। 42 वर्षीय युवक जखोली ब्लॉक का रहने वाला है। युवक 14 जुलाई को जनपद में हरिद्वार से आया था और होम क्वारंटाइन में था। युवक का 21 जुलाई को सैंपल लिया गया और 23 को रात्रि में उसकी कोरोना रिपोर्ट संक्रमित पाई गई है। आज युवक को कोटेश्वर अस्पताल में लाया गया।

एक और प्रशिक्षु आइएफएस अधिकारी में हुई कोरोना की पुष्टि
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी में 19 मार्च के बाद एक और प्रशिक्षु आइएफएस अधिकारी में कोरोना की पुष्टि हुई है। प्रशिक्षण के लिए अकादमी खोलने के बाद यहां 54 प्रशिक्षु अलग अलग राज्यों से आये हैं। यह अधिकारी उत्तर प्रदेश के खुशी नगर से कैब लेकर 18 जुलाई को अकादमी पहुंचे थे। तभी से इन्हें क्वारंटाइन किया गया था। इससे पहले यहां विदेश भ्रमण से लौटे तीन प्रशिक्षुओं में 15 मार्च व 19 मार्च को संक्रमण की पुष्टि हुई थी।
एम्स ऋषिकेश में कोरोना से ग्रसित मरीजों को मिली प्लाज्मा थैरेपी की सुविधा
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में अब कोरोना वायरस संक्रमण से ग्रसित मरीजों को प्लाज्मा थैरेपी की सुविधा मिल गई है। केंद्रीय ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने एम्स ऋषिकेश को इसके लिए अनुमति जारी कर दी है। एम्स निदेशक प्रोफेसर रविकांत ने बताया कि प्लाज्मा थैरेपी के लिए एम्स में सभी तरह की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध है। डीसीजीआई दिल्ली से अनुमति प्राप्त हो गई है। इस पर अगले कुछ दिनों में कार्य शुरू कर दिया जाएगा। एम्स ब्लड बैंक एवं ट्रांसफ्यूजन विभागाध्यक्ष डॉ गीता नेगी ने बताया कि प्लाज्मा थैरेपी के लिए एम्स स्टाफ के उन लोगों को चुना गया है, जो कोरोना को हराकर पूरी तरह से स्वस्थ हो गए हैं। ऐसे छह लोगों की सहमति प्लाज्मा देने के लिए प्राप्त कर ली गई है। शीघ्र ही इनके साथ काउंसलिंग की जाएगी।
हरिद्वार में ज्वालापुर कोतवाली का एक सिपाही कोरोना संक्रमित
हरिद्वार के ज्वालापुर कोतवाली का एक सिपाही कोरोना संक्रमित मिला है। मंगलौर, गंगनहर कोतवाली और बहादराबाद थाने के बाद अब ज्वालापुर कोतवाली में भी कोरोना ने दस्तक दे दी है। एक सिपाही की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। गनीमत यह है कि सिपाही सप्ताह भर से छुट्टी पर चल रहा था। इसके बावजूद एहतियात के तौर पर कोतवाल समेत सभी पुलिसकर्मियों के सैंपल लिए जा रहे हैं।
गुरुवार को भी तीन मरीजों की मौत हो गई, 145 नए मामले आए सामने
कोरोना के लिहाज से उत्तराखंड में हालात हर दिन बिगड़ रहे हैं। अब न सिर्फ कोरोना मरीज़ों की संख्या, बल्कि मौत का आंकड़ा भी लगातार बढ़ रहा है। गुरुवार को भी तीन मरीजों की मौत हो गई, जबकि 145 नए मामले सामने आए। एक जुलाई यानि माह की शुरुआत में जहां मरीजों की तादाद तीन हजार से नीचे थी, अब यह साढ़े पांच हजार के करीब पहुंच चुकी है। पिछले 23 दिन में उत्तराखंड में ढाई हजार से ज्यादा नए मामले आए हैं। इस अंतराल में कोरोना संक्रमित 19 लोगों की मौत भी हो चुकी है।
प्रदेश में अब तक 5445 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। इनमें से 3399 स्वस्थ हो गए हैं। कोरोना संक्रमित 1948 मरीज फिलहाल विभिन्न अस्पतालों व कोविड-केयर सेंटर में भर्ती हैं। 38 राज्य से बाहर चले गए हैं। कोरोना संक्रमित 60 लोगों की मौत अब तक हो चुकी है। इनमें तीन मौत गुरुवार को देहरादून, हरिद्वार व नैनीताल जनपद में हुई है। अभी तक मरे ज्यादातर मरीज दूसरी गंभीर बीमारियों से ग्रसित थे।
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को प्रदेश में विभिन्न लैब से 3618 सैंपल की जांच रिपोर्ट मिली है। इनमें 3473 की रिपोर्ट निगेटिव और 145 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। देहरादून में कोरोना संक्रमण के सबसे अधिक 68 मामले आए हैं। इनमें चार स्वास्थ्य कर्मी और सीआरपीएफ के दो जवान भी शामिल हैं। वहीं, हरिद्वार जिले में 32 और लोग कोरोना की चपेट में आए हैं। इनमें 14 पूर्व में संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में आए लोग हैं। 18 लोगों की ट्रेवल हिस्ट्री पता की जा रही है। नैनीताल में 31 लोग संक्रमित मिले हैं। इनमें डॉक्टर, नर्स व सफाई कर्मी शामिल हैं। नए मरीजों में 14 संक्रमितों के संपर्क में आए लोग हैं और नौ की ट्रेवल हिस्ट्री अभी पता नहीं लग पाई है। आठ लोग ऐसे हैं जो जांच के लिए फ्लू ओपीडी में आए थे।
ये सभी संक्रमितों के क्लोज कॉन्टेक्ट में थे। सभी की जांच कराई जा रही है। इन्हें होम क्वारंटाइन रहने और एहतियात बरतने के लिए कहा गया है। जिले में अब तक कोरोना के 1289 मामले आ चुके हैं। जिनमें 828 स्वस्थ हो गए हैं। 401 मरीज अस्पतालों व कोविड-केयर सेंटर में भर्ती हैं, जबकि 26 लोग यहां से बाहर चले गए हैं। 34 मरीजों की अब तक मौत हो चुकी है।



