देहरादून: देश के कई राज्यों में बर्ड फ्लू की दस्तक के बाद प्रदेश में भी विभिन्न क्षेत्रों में लगातार पक्षियों की मौत के मामले सामने आने से वन विभाग की चिंता बढ़ गई है। बर्ड फ्लू की आशंका को देखते हुए वन विभाग ने इसकी रोकथाम और सुरक्षा के लिए कसरत तेज कर दी है। प्रदेशभर में सतर्कता बरतने के साथ ही मुख्यालय में दैनिक रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। सभी अधिकारियों को आपस में समन्वय बनाकर अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रमुख मुख्य वन संरक्षक (हॉफ) राजीव भरतरी ने बताया कि पक्षियों की मौत के मामलों को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी गई है। मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल और कुमाऊं को प्रतिदिन शाम को इस संबंध में मुख्यालय को रिपोर्ट करने को कहा गया है। इसके साथ ही उन्हें मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक के साथ समन्वय बनाने के भी निर्देश दिए गए हैं। सभी फील्ड कर्मियों को सुरक्षा उपकरण मुहैया कराने के लिए भी कहा गया है।
देहरादून प्रभाग को अतिरिक्त बजट
देहरादून वन प्रभाग में पक्षियों की मौत के मामले अधिक आ रहे हैं। इस कारण यहां फील्डकर्मियों को सुरक्षा किट आदि तत्काल उपलब्ध कराए जाने की आवश्यकता है। वन मुख्यालय ने प्रभाग को उपकरणों के इंतजाम के लिए अतिरिक्त बजट जारी करने की बात कही है। पीपीई किट व अन्य उपकरण दोबारा इस्तेमाल में नहीं लाए जा सकने के कारण इनकी खपत अधिक होने की संभावना है। यहां अभी 60 किट प्रदान की जा चुकी हैं। इतनी ही किट और मंगाई जा रही हैं। पशुपालन विभाग की ओर से भी उपकरण मुहैया कराने में सहयोग किया जा रहा है।
डीएफओ को बनाया नोडल अधिकारी
देहरादून वन प्रभाग के डीएफओ राजीव धीमान को जिले का नोडल अधिकारी बनाया गया है। वह पक्षियों की मौत के मामलों में सैंपलिंग और शव दफनाने का कार्य अपने निर्देशन में करवाएंगे। इसके अलावा कार्मिकों की सुरक्षा के इंतजाम की जिम्मेदारी भी उनकी होगी।


