देहरादून। उत्तराखंड के पीपीपी मोड के अस्पतालों का थर्ड पार्टी आडिट किया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के स्तर पर विशेषज्ञ चिकित्सकों और अधिकारियों की टीम गठित की जाएगी। जांच के दौरान अनुबंध की शर्तों के अनुरूप कार्य न करने वाले अस्पतालों के संचालकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
गुरुवार को स्वास्थ्य मंत्री डा धन सिंह रावत ने सचिवालय में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा की। इस दौरान पीपीपी मोड पर संचालित होने वाले अस्पतालों की प्रगति के साथ ही विभाग में संचालित विभिन्न निर्माणाधीन कार्यों, विभिन्न चिकित्सा उपकरणों की खरीद, एनएनएम तथा नर्सिंग भर्ती नियमावली आदि मामलों की समीक्षा हुई। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पीपीपी मोड के अंतर्गत संचालित होने वाले अस्पतालों में मरीजों को गुणवत्तापरक और सुलभ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकार वचनबद्ध है। इसके लिए विभागीय स्तर पर विशेषज्ञ चिकित्सक और अधिकारियों की टीम गठित की जाएगी, जो पीपीपी मोड पर अस्पतालों का निरीक्षण कर रिपोर्ट शासन को सौंपेगी।उन्होंने सीटी स्कैन तथा एमआरआइ मशीन की खरीद में हो रही देरी पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि शीघ्र चयनित चिकित्सालयों में सिटी स्कैन व एमआरआइ मशीन लगाई जाएं। उन्होंने आपदा मद से उपकरण व दवा के लिए प्राप्त धनराशि को समय से खर्च करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पतालों में एनएचएम के तहत मोतियाबिंद के मरीजों के आपरेशन कराने को शिविर लगाने और मुफ्त आपरेशन व चश्में वितरित करने को कहा।इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को कोविड जांच बढ़ाने और वैक्सीन की दूसरी डोज लगाने को प्रेरित करने के भी निर्देश दिए। बैठक में सचिव चिकित्सा डा पंकज कुमार पांडेय, सचिव आपदा प्रबंधन एसए मुरुगेशन, महानिदेशक चिकित्सा डा आशीष श्रीवास्ताव, अपर सचिव अरुणेंद्र चौहान व महानिदेशक स्वास्थ्य डा तृप्ति बहुगुणा उपस्थित थीं।




