देहरादून। डिप्लोमा फार्मसिस्ट एसो० के प्रांतीय अध्यक्ष प्रताप सिंह पंवार की अध्यक्षता में जनपद मंत्री चंद्रमोहन सिंह राणा के द्वारा डॉ0 धन सिंह रावत उच्च शिक्षा एवं सहकारिता मंत्री के आवास पर डिप्लोमा फर्मासिस्टों की मांगों के सम्बंध में विस्तार से चर्चा की गई। जिसमें प्रदेश अध्यक्ष श्री पंवार ने मंत्री को बताया कि उत्तराखंड बनें 21 वर्ष होने पर भी फार्मासिस्ट का पुनर्गठन (ढांचा) नही बनाया गया है जिस कारण से 35 वर्षों की सेवा के बाद भी फार्मासिस्ट की पहली पदोन्नति नसीब नही हो रही है।
फार्मासिस्ट को पोस्टमार्टम भत्ता मात्र 4 रूपए दिया जा रहा है, जो उत्तरप्रदेश सरकार ने 1974 में चिकित्साधिकारी को 10 फार्मासिस्ट को 4 और सफाई नायक को 2 दिया गया था। जिसको 2013 में उत्तराखंड सरकार ने उच्चीकृत कर चिकित्साधिकारी को 500 ,सफाई नायक को 150 और फार्मासिस्ट को अभी भी मात्र 4 ही दिया जा रहा है। जिससे फार्मासिस्टों में भारी रोष है। चीफ फार्मासिस्टों की प्रोन्नति की फाइल अप्रैल 2020 से महानिदेशालय और शासन में घूम रही है जिस कारण हमारे कई फार्मासिस्ट 35 साल अविरल सेवा देने के बाद भी बिना पदोन्नति के सेवानिवृत्त ही गए हैं। इसकी जिम्मदारी भी किसी अधिकरी पर तय की जानी चाहिए। मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री से सभी मांगों का तत्काल निराकरण करवाऊंगा।



