Uttarakhand

योजना हस्तांतरित न होने से पाइप लाइन बिछाने का काम शुरू नहीं, मोर्चा खोलने की चेतावनी

देहरादून। आरकेडिया क्षेत्र स्थित केहरी गांव की पेयजल योजना हस्तांतरित न होने के कारण अब तक यहां विश्व बैंक की परियोजना के तहत काम शुरू नहीं हो पाया है। केहरी गांव में ग्राम पंचायत के समय स्वजल योजना के माध्यम से ग्रामवासियों को पानी उपलब्ध कराया जाता था। आरकेडिया ग्राम सभा की पूर्व उप प्रधान गीता बिष्ट ने कहा कि अगर जल निगम द्वारा योजना को हस्तांतरित नहीं किया गया तो उनको जल निगम के खिलाफ मोर्चा खोलने को बाध्य होना पड़ेगा। दो साल पहले आरकेडिया ग्राम सभा को नगर निगम में शामिल किया गया था। इसके बाद भी आज तक केहरी गांव की पेयजल योजना को न तो जल संस्थान और ना ही पेयजल निगम को हस्तांतरित किया गया।

योजना हस्तांतरित न हो पाने के कारण मेहूंवाला क्लस्टर पेयजल योजना में यह क्षेत्र प्रस्तावित होने के बावजूद यहां पर अभी तक पेयजल लाइन बिछाने का काम शुरू नहीं हो पाया है। आरकेडिया ग्राम सभा की पूर्व उप प्रधान गीता बिष्ट ने बताया कि उनकी ओर से 16 जनवरी 2018 को जल संस्थान को व 30 जून 2020 को जल निगम के अधिशासी अभियंता सीताराम को ज्ञापन देकर उनसे इस योजना को हस्तांतरित करने का अनुरोध किया गया था। उन्होंने सहायक अभियंता और अपर सहायक अभियंता जल निगम को हस्तांतरित करने के लिए कहा गया था, लेकिन तीन महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अभी तक योजना हस्तांतरित नहीं हो पाई। इस योजना में ट्यूबवेल, ओवरहेड टैंक, कई किमी पेयजल लाइन और योजना के बैंक खाते जल निगम में हस्तांतरित होने थे। पेयजल योजना हस्तांतरित न होने की वजह से भविष्य में क्षेत्रवासियों को पेयजल समस्या से परेशान होना पड़ सकता है। गीता बिष्ट ने कहा कि अगर जल निगम द्वारा 15 दिनों के अंदर ये पेयजल योजना को हस्तांतरित नहीं किया गया तो उनको जल निगम के खिलाफ मोर्चा खोलने को बाध्य होना पड़ेगा। वहीं, पेयजल निगम के अधिशासी अभियंता सीताराम ने बताया कि केहरीगांव उपभोक्ता पेयजल स्वच्छता समिति के पदाधिकारियों के बीच एक राय न होने के कारण योजना अब तक हस्तांतरित नहीं हो पाई है। समिति से बातचीत की जा रही है। समिति की एक राय होती है तो योजना को हस्तांतरित किया जाएगा।