ऋषिकेश । उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के कार्यों का निरीक्षण किया। साथ ही शिवपुरी में बनने वाली टन का भी जायजा लिया। महाराज ने यहां चल निर्माण कार्यों पर संतोष भी जताया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह रेल परियोजना उत्तराखंड के पर्यटन और तीर्थाटन को नया आयाम देने का काम कारेगी।
योग नगरी रेलवे स्टेशन पहुंचे कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज का सोमवार को रेल विकास निगम के परियोजना निदेशक हिमांशु बडोनी ने स्वागत किया। इस दौरान महाराज ने योग नगरी स्टेशन, प्लेटफार्म, प्रतिक्षालय, कंट्रोल रूम और टिकट घर आदि का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों पर संतोष जताया। पर्यटन मंत्री ने रेलवे स्टेशन के बाद शिवपुरी में निर्माणाधीन रेल टनल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने योग नगरी स्टेशन को और भव्य और दर्शनीय बनाने के लिए यहां रेल का पुराना इंजन और पुराने हवाई जहाज को धरोहर के रूप में स्थापित करने की बात कही।

उन्होंने कहा कि पुराना इंजन हमारी विकसित होती परंपरा और पुराना प्लेन वायु सेना की वीरता को दर्शाएगा। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का सपना वर्षों पूर्व प्रधानमंत्री देवगौड़ा के कार्यकाल में रेल राज्यमंत्री रहते हुए उन्होंने देखा था। जो आज प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में साकार हो रहा है। उन्होंने कहा कि कर्णप्रयाग रेल परियोजना के साथ ही चारधाम रेल सर्किट पर भी तेजी से काम चल रहा है। आने वाले समय में रेल उत्तराखंड की पहचान बनेगी और यहां पर्यटन व तीर्थाटन को नया आयाम मिलेगा। इस दौरान पूर्व मंत्री अमृता रावत, परियोजना मुख्य प्रबंधक हिमांशु बडोनी, बचन पोखरियाल, दिलीप गुप्ता, पंकज भट्ट, रोटरी क्लब सेंट्रल के अध्यक्ष हितेंद्र पंवार, अक्षत गोयल आदि उपस्थित थे।
रेल के सामांतर दौड़ेंगे वाहन
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन में अलास्का की तर्ज पर रेल लाइन के सामांतर सड़कों का निर्माण भी करने की योजना है। उन्होंने बताया कि अलास्का में इसी तरह अधिकांश रेल लाइनों के सामांतर वाहन भी दौड़ते हैं। वाहनों के पटरी पार करने के दौरान पहले रेल के आवागमन को सुनिश्चित किया जाता है।
रेल कनेक्टिविटी से जुड़ेगा ऋषिकेश-चंडीगढ़
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि योग नगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन से चंडीगढ़ के लिए रेल कनेक्टिविटी जोड़ी जाएगी। यह रेल लाइन ऋषिकेश से पौंटा साहिब से होते हुए चंडीगढ़ पहुंचेगी। जिसके बाद ऋषिकेश-चंडीगढ़ के बीच ट्रेन से भी सफर किया जा सकेगा।



