ऋषिकेष 20 मार्च । उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की ओर से अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में एम्स ऋषिकेश के सभागार में ‘पहाड़ की नारी, देश की शक्ति’ थीम पर भव्य एवं गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आध्यात्मिक गुरू स्वामी राजराजेश्वरम का विशेष सान्निध्य रहा, जबकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखंड की महिलाओं का संघर्ष और समर्पण प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और कानूनी सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं और महिला सशक्तिकरण की दिशा में मजबूत कदम हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वामी राजराजेश्वरम ने भारतीय संस्कृति में नारी के उच्च स्थान को रेखांकित करते हुए कहा कि देश में मातृशक्ति का सम्मान सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की बेटियां हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं और समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने कहा कि आयोग का उद्देश्य अंतिम छोर पर खड़ी महिला तक न्याय और स्वरोजगार के अवसर पहुंचाना है। यह सम्मान समारोह नारी शक्ति के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है।
इस अवसर पर विधायक प्रेमचंद अग्रवाल, बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना, एम्स निदेशक डॉ. मीनू सिंह सहित कई गणमान्य लोगों ने भी अपने विचार रखे और महिलाओं की भागीदारी को समाज निर्माण के लिए आवश्यक बताया।
कार्यक्रम में सुरक्षा, शिक्षा, स्वरोजगार और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 12 महिलाओं को सम्मानित किया गया। इनमें जया बलूनी, साक्षी सिंह, गीता चंदोला, तुलसी मेहरा, नेहा सिंह, दर्शनी देवी नेगी, रेखा रयाल, कमला नेगी, चन्द्रिका पुंज, मुस्कान, रेखा राणा और डॉ. अर्पिता नेगी शामिल रहीं।
समारोह में महिला आयोग के पदाधिकारी, सदस्य एवं महिलाएं और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।




