देहरादून, देहरादून जनपद में बाल विवाह के खिलाफ पहली एफआईआर दर्ज हुई है। मामला जनपद देहरादून के गुमानीवाला, ऋषिकेश का है। महिला सशक्तिकरण एवम् बाल विकास विभाग, चाइल्ड हेल्पलाइन और पुलिस विभाग की सतर्कता के चलते एक बाल विवाह के मामले में त्वरित कार्यवाही करते हुए, पुलिस के द्वारा एफ आई आर दर्ज की गयी. इस बाल विवाह के मामले में मनसा देवी मंदिर के पुजारी के द्वारा भी अहम् भूमिका निभाई गयी, यदि समाज का हर व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी को समझे तो बाल विवाह को रोका जा सकता है, पुजारी के द्वारा बालिका की उम्र कम होने के कारण शादी करने से इंकार कर दिया गया। बालिका के अनुसार, पुजारी के मना करने के पश्चात भी बालिका के गले में हस्तिनापुर, मेरठ के निवासी कपिल के द्वारा जबरदस्ती फूलों की माला डाल दी गई और अपने सहयोगियों के साथ ऑल्टो कार रजिस्ट्रेशन नंबर UP15DM2101 में बैठकर मेरठ ले जा रहा था, बाल विवाह की सूचना श्रीमती रेखा कोठियाल, पत्नी श्री बल्लू राम ने पुलिस को दी, कि उनकी भतीजी की माँ ही, बालिका का बाल विवाह करवा रही है. जिस पर श्यामपुर पुलिस चौकी के पुलिस वाले रेखा से साथ मंदिर पहुंचे. जहाँ पर महिला सशक्तिकरण विभाग से सुपरवाईजर और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम के सदस्य भी पहुचे. पुजारी जी के द्वारा जानकारी दी गयी की गयी आरोपी बालिका को लेकर निकल गए है. , जिसके पश्चात् पुलिस द्वारा चेकिंग की गयी जिस पर सभी आरोपियों को श्यामपुर फाटक के पास पकड़ लिया गया. और उनके खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत, सेक्शन 9 और 11 के तहत केस दर्ज किया गया. सभी आरोपियों को पुलिस के द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है।
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